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Arthashastra Samashti Arthashastra ke Siddhant Semester II (LPSPE)

Arthashastra Samashti Arthashastra ke Siddhant Semester II (LPSPE)

Author : H L Ahuja

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  • ISBN : 9789355013217
  • Pages : 368
  • Binding : Paperback
  • Language : English
  • Imprint : S. Chand Publishing
  • © year : 2022
  • Size : 6.5 X 9.25

Price : 299.00 239.20

यह पुस्तक, नई शिक्षा नीति 2020 द्वारा अनुश्ंासित उत्तर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए समान न्यूनतम पाठ्यक्रम (Common minimum Syllabus) के आधार पर, अत्यंत ही सरल और सुबोध भाषा में लिखी गई है। यह पुस्तक सिविल सेवा के अभ्यार्थियों के लिए भी उपयोगी है।

प्रमुख विशेषताएँः
• राष्ट्रीय आय संबंधी जटिल अवधारणाओं का अत्यंत सरल और रोचक भाषा में विवेचन।
• क्लाॅसिकल और कीन्स के समष्टिपरक सिद्ध़ंातों का स्तरीय आलोचनात्मक विवेचन।
•;उपभोग (Consumption) और निवेश (Investment) संबंधी समष्टिपरक सिद्धंातों का विस्तारित विश्लेषण।
• मुद्रास्फीति की अवधारणा और संबंधी सिद्धंातों का गहन विश्लेषण।
• मुद्रास्फीति और बेरोशगारी के अन्तर्संबंध पर आधारित फिलिप्स वक्र का तार्किक विवेचन।
• IS-LM माॅडल का अवधारणात्मक विवेचन।

1. समष्टि-अर्थशास्त्राः विषय-क्षेत्र एवं इसकी विभिन्न विचारधाराएं 
2. राष्ट्रीय आयः अर्थ व धारणाएँ
3. आय तथा रोज़गार का प्रतिष्ठित सिद्धान्तः पूर्ण रोज़गार माॅडल
4. मजदूरी-कीमत परिवर्तनशीलता तथा रोज़गार
5. केन्ज़ का रोज़गार सिद्धान्त
6. राष्ट्रीय आय का निर्धारणः केन्ज़ का दो क्षेत्राीय मौलिक माॅडल
7. सरकारी व्यय समेत राष्ट्रीय आय का निर्धारणः तीन-क्षेत्रीय माॅडल
8. खुली अर्थव्यवस्था में राष्ट्रीय आय का निर्धारणः चार-क्षेत्रीय माॅडल
9. स्फीतिकारी तथा अवस्फीतिकारी अन्तर
10. उपभोग फलन
11. उपभोग के सिद्धान्त 
12. निवेश
13. गुणक का सिद्धान्त
14. ब्याजः प्रतिष्ठित तथा ऋण-योग्य राशियों केे सिद्धान्त
15. केन्ज़ के मुद्रा-माँग तथा ब्याज दर सिद्धान्त
16. IS-LM वक्र माॅडल 
17. परिवर्तनशील कीमत सहित समस्त पूर्ति तथा समस्त मांग सिद्धान्त
18. मुद्रा-स्फीति के सिद्धान्त
19. मुद्रास्फीति के प्रभाव तथा उसका नियन्त्रण
20. मुद्रास्फीति तथा बेरोजगारीः फिलिप्स वक्र तथा विवेकपूर्ण प्रत्याशायें

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