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Uchchatar Arthik Siddhanta

Uchchatar Arthik Siddhanta

Author : H L Ahuja

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  • ISBN : 9789352531875
  • Pages : 1064
  • Binding : Paperback
  • Language : Hindi
  • Imprint : S. Chand Publishing
  • © year : 2016
  • Size : 6.75" x 9.5"

Price : 650.00 520.00

भारतीय विश्वविद्यालयों के एम.ए. (अर्थशास्त्र) तथा एम.कॉम. के विद्यार्थियों लिए अत्यंत सरल एवं सुबोध भाषा में लिखी गयी इस पुस्तक में आर्थिक सिद्धान्तों की नवीनतम तथा आधुनिक प्रवृत्तियों एवं दृष्टिकोणों की व्यष्टिपरक विश्लेषणात्मक व्याख्या की गयी है। इसमें न केवल माँग, उत्पादन, लागत तथा वितरण के सिद्धान्तों की बल्कि विभिन्न मार्केट ढाँचों में कीमत-निर्धारण एवं सामान्य संतुलन विश्लेषण तथा कल्याणकारी अर्थशास्त्र की आलोचनात्मक समीक्षा की गयी है। यह पुस्तक आई.ए.एस. एवं पी.सी.एस. के अभ्यर्थियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी।

• अर्थव्यवस्था की केन्द्रीय समस्याओं तथा उत्पादन संभावना वक्र के उपयोग की विस्तार से व्याख्या।
• मुक्त मार्केट अर्थव्यस्था तथा उसके संचालन में कीमत प्रणाली की भूमिका का स्पष्टीकरण।
• माँग के सिद्धान्त में मार्शल के गणनावाचक तुष्टिगुण और अनधिमान वक्रों के क्रमवाचक तुष्टिगुण के सिद्धान्तों की विस्तृत व्याख्या एवं उनकी तुलना।
• माँग के नवीन सिद्धान्त एवं उद्घाटित अधिमान सिद्धान्त की आलोचनात्मक विवेचना।
• रेखीय प्रायोजन के अन्तर्गत द्वैत समस्या तथा आहार समस्या का संशोधित विवरण।
• पूर्ण प्रतियोगिता के मॉडल की कैल्डर तथा ड्डाफा द्वारा आलोचना की सरल ढंग से व्याख्या।
• कीमत-निर्धारण के एकाधिकार, एकाधिकारिक प्रतियोगिता तथा अल्पाधिकार के अनेक मॉडलों की विस्तार से विवेचना।
• कूर्नो मॉडल, कीमत नेता, कपट-सन्धि, विकुंचित माँग वक्र, अल्पाधिकार सम्बन्धी खेल के सिद्धान्त एवं बॉमोल का विक्रय-अधिकतम तथा कुल-लागत अथवा मार्क-अप सिद्धान्तों की आलोचनात्मक समीक्षा।
• श्रमिकों के मजदूरी-निर्धारण के सिद्धान्तों की व्याख्या तथा मजदूरी बढ़ाने में श्रमिक संघों की भूमिका।
• सामान्य संतुलन विश्लेषण एवं कल्याण अर्थशास्त्र में परेटो मानदण्ड तथा पेरेटो अनुकूलतम का विस्तृत अध्ययन।
• सामाजिक कल्याण फलन का आलोचनात्मक विश्लेषण।

भाग-1: आर्थिक सिद्धान्त का स्वरूप एवं विषय-क्षेत्र
• आर्थिक सिद्धान्त तथा दुर्लभता की समस्या • अर्थव्यवस्था की केन्द्रीय समस्याएँ तथा उत्पादन संभावना वक्र • मुत्तफ़ मार्केट अर्थव्यवस्था तथा उसके संचालन में कीमत प्रणाली की भूमिका • आर्थिक स्थैतिकी तथा प्रावैगिकी

भाग-2: माँग का सिद्धान्त
• गणनात्मक तुष्टिगुण विश्लेषण • माँग का अनधिमान वक्र विश्लेषण • अनधिमान वक्र विश्लेषणः कीमतए, आय एवं प्रतिस्थापन प्रभाव • पूरक तथा स्थानापन्न पदार्थ • मार्शल के गणनावाचक तुष्टिगुण विश्लेषण तथा अनधिमान वक्र विश्लेषण की तुलना • अनधिमान वक्रों के प्रयोग एवं उपयोगिता • माँग का उद्घाटित अधिमान सिद्धान्त • माँग की लोच • उपभोक्ता की बचत (अतिरेक)

भाग-3: उत्पादन तथा लागत सिद्धान्त
• उत्पादन का सिद्धान्त: परिवर्तनशील साधन के प्रतिफल • दो साधनों का उत्पादन फलन • अनुकूलतम साधन संयोग तथा पदार्थों का चयन • लागत वक्र • रेखीय प्रायोजना • पूर्ति एवं पूर्ति की लोच

भाग-4: मार्केट ढाँचा तथा कीमत-निर्धारण
• बाजार-ढाँचे तथा फर्म की आय की धारणाएँ • फर्म: इसके उद्देश्यों तथा संतुलन का सामान्य विश्लेषण • पूर्ण प्रतियोगिता के अन्तर्गत कीमत-निर्धारण: माँग-पूर्ति विश्लेषण • पूर्ण प्रतियोगिता के अन्तर्गत फर्म एवं उद्योग का संतुलन • पूर्ण प्रतियोगिता में पूर्ति वक्र तथा मूल्य निर्धारण का तुलनात्मक स्थैतिक विश्लेषण • संतुलन का अस्तित्व, अद्वितीयता तथा स्थिरता • पूर्ण प्रतियोगिता में संतुलन की असंगति पर कैल्डर तथा स्राफा के विचार • एकाधिकार में कीमत-निर्धारण • कीमत-विभेदीकरण • एकाधिकारी शक्ति की मात्र की माप • द्विपक्षीय एकाधिकार में कीमत-निर्धारण • एकाधिकारिक प्रतियोगिता मे कीमत-निर्धारण • विक्रय लागतें एवं विज्ञापन • चैम्बरलिन के एकाधिकारिक प्रतियोगिता सिद्धांत का आलोचनात्मक मूल्यांकन • अपूर्ण प्रतियोगिता में आधिक्य क्षमता • अल्पाधिकार • अल्पाधिकार के प्रतिष्ठित मॉडल • विकुंचित माँग वक्र अल्पाधिकारी सिद्धान्त तथा कीमत स्थिरता • खेल सिद्धान्त, कैदियों की द्विविधा तथा अल्पाधिकार • पूर्ण-लागत (अथवा मार्क-अप) कीमत-निर्धारण सिद्धान्त • अल्पाधिकार का बिक्री-अधिकतम मॉडल • सीमा-कीमत निर्धारण का सिद्धान्त • फर्म के प्रबंधकीय एवं व्यवहारवादी सिद्धान्त

भाग-5: वितरण का सिद्धान्त
• वितरण का सिद्धान्त: सामान्य विश्लेषण • वितरण का नव-प्रतिष्ठित समष्टिपरक सिद्धान्तः साधनों के सापेक्ष भाग • प्रतियोगी मार्केट में साधन-कीमत का निर्धारण • अपूर्ण प्रतियोगी बाजारों (मार्केटों) में साधनों का कीमत-निर्धारण • श्रमिक संघ, सामूहिक सौदाकारी तथा मजदूरी निर्धारण • लगान का सिद्धान्त • ब्याज का सिद्धान्त • लाभ का सिद्धान्त • आय वितरण के रिकार्डो, मार्क्स कलैस्की तथा केल्डर के समष्टिपरक भावी सिद्धांत

भाग-6: सामान्य संतुलन विश्लेषण तथा कल्याणकारी अर्थशास्त्र
• सामान्य संतुलन विश्लेषण • कल्याणकारी अर्थशास्त्र तथा परेटो अनुकूलतम • बाजार असफलताएँ, बाह्यताएँ एवं सार्वजनिक वस्तुएँ • क्षतिपूर्ति सिद्धांत तथा अन्य कल्याणकारी मापदण्ड • सामाजिक कल्याण फलन तथा सामाजिक चयन का सिद्धान्त

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